1969 में दिल्ली में जन्मे, उन्होंने 2012 में "युथ द पावर फाउंडेशन" नामक संस्था की स्थापना की। कम उम्र से ही वे समाज की ज़रूरतों के प्रति गहरी जागरूकता रखते थे।
इस संस्था का आधिकारिक पंजीकरण 20 नवंबर 2012 को हुआ था। तब से संस्था ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं।
उनका सपना सरल लेकिन गहरा है — 'सेवा और करुणा की एक ऐसी विरासत छोड़ना जो प्रेरणा देती रहे।'
"अगर ज़िंदगी अपने लिए जिए जाए तो क्या है? दूसरों की भलाई के लिए जीना चाहिए।"
संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष — Youth The Power Foundation
एक ऐसे समाज सेवक जिन्होंने अपना जीवन युवाओं और जरूरतमंदों को समर्पित किया।

1969 में दिल्ली में जन्मे, उन्होंने 2012 में "युथ द पावर फाउंडेशन" नामक संस्था की स्थापना की। कम उम्र से ही वे समाज की ज़रूरतों के प्रति गहरी जागरूकता रखते थे और विभिन्न तरीकों से लोगों की सेवा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।
अपनी संस्था स्थापित करने से पहले, श्री चौधरी कई सामाजिक समूहों और पहलों में सक्रिय रूप से योगदान देते रहे।
इस संस्था का आधिकारिक पंजीकरण 20 नवंबर 2012 को हुआ था।
उनका दृढ़ विश्वास है:
"अगर ज़िंदगी अपने लिए जिए जाए तो क्या है? दूसरों की भलाई के लिए जीना चाहिए।"
